औषधीय एवं सुरभित पौधा उद्यान
औषधीय एवं सुरभित पौधे स्थानीय धरोहर होते हैं जिनका वैश्विक महत्व है । विश्व में असंख्य औषधीय एवं सुरभित पौधों की प्रजातियाँ हैं । उनमें से अनेक पौधों का उपयोग हम विभिन्न कारणों से करते हैं और अनेक हमसे अपरिचित हैं । आंचलिक विज्ञान केन्द्र, गुवाहाटी का उद्यान लगभग 800 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है जिसमें लगभग 80 प्रकार के औषधीय एवं सुरभित प्रजातियों के पौधे हैं । इस उद्यान की विशिष्टता यह है कि दृष्टिहीन व्यक्ति भी इन पौधों का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं । दर्शक इन पौधों को देख सकते हैं और उनके नाम और औषधीय एवं सुरभित उद्देश्यों के लिए व्यवहार योग्य पौधों के अंगों के बारे में जान सकते हैं ।

भारत में विश्व की दृष्टिहीन आबादी का एक तिहाई भाग है । यह अनुमान लगाया जाता है कि हमारे देश में दस करोड़ दृष्टिहीन लोग रहते हैं और उनमें से कम से कम एक तिहाई बच्चे हैं । इन बच्चों को अपनी धरोहर के बारे में जानकारी देने के लिए औषधीय एवं सुरभित पौधा उद्यान में ‘स्पर्श एवं सूँघना’ के रूप में विशेष व्यवस्था की गयी है । भिन्न तंतु विन्यास की पतियों एवं गंध वाले पौधों को रखा गया है जिनका औषधीय एवं सुरभित दृष्टि से बहुत महत्व है । चार खानेदार टाइल्स से विशेष रास्ते बनाये गये हैं जहाँ दृष्टिहीन व्यक्ति आराम से टहल सकते हैं ।

प्राकृतिक संसाधनों से आम रोगों के लिए उपचार का पता लगाने के प्रयास में इस अनोखी प्रचेष्टा को देखने आएँ और इससे भी अधिक जानकारी प्राप्त करें ।

 
   


         
कॉपीराइट 2015, @ आंचलिक विज्ञान केन्द्र,  
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