नवप्रवर्तन केन्द्र

यह सुविधा सप्ताहांत के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार विकसित करने के लिए केन्द्र में काम करने के लिए अनोखा अवसर प्रदान करती है । विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सृजनात्मक कार्य कलापों में दीर्घ कालीक हस्त और मस्तिष्क संचालित व्यस्तता के लिए इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सदस्यता उपलब्ध है ।

इसका उद्देश्य नव प्रवर्तनकारी और सृजनात्मक कार्यकलापों में युवा वर्ग को शामिल करने के लिए एक सुलभ मंच प्रदान करना है । यहाँ वे प्रयोग कर सकते हैं और अपने नव प्रवर्तनकारी विचारों को आगे बढ़ाकर अपनी नव प्रवर्तनकारी संभावना को पोषण दे सकते हैं और नव प्रवर्तनकारी केन्द्रित विचार धारा विकसित कर सकते हैं । क्षेविके, गुवाहाटी का नव प्रवर्तन केन्द्र युवकों को उनके खाली समय में विवेचनात्मक सोच और व्यावहारिक समस्या समाधान दक्षता को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सृजनात्मक रूचिकर्मों और कार्य कलापों में शामिल करता है । यहाँ बच्चों के लिए एक विचार बक्शा है ताकि प्रस्तावित विचार एकत्र कर एक विचार केन्द्र सृजित किया जा सके। सर्वोत्म विचारों का प्रयोग, प्रतिरूप निर्माण और परियोजना कार्य के लिए चयन किया जाता है ।

Ms Sindhushree Khullar delivering inaugural speech
Ms Sindhushree Khullar delivering inaugural speech (close-up view)
Ms Sindhushree Khullar and Director(CRTL) unveiling “Folders” of Innovation Hub.
Ms Sindhushree Khullar along with other dignitaries visiting the Innovation Hub

नवप्रवर्तन उत्सव

आंचलिक विज्ञान केन्द्र, गुवाहाटी प्रतिवर्ष अपने परिसर में फरवरी-मार्च के दौरान “नवप्रवर्तन उत्सव” का आयोजन करता है ।  2-3 दिनों के लिए आयोजित नव प्रवर्तन उत्सव विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत आविष्कर्ताओं, कलाकारों, अभिनेताओं, शिल्पकारों, विज्ञान प्रदर्शकों इत्यादि जैसे लोगों के लिए एक सामान मंच प्रदान करता है ताकि वे अपने कार्यकलाप प्रदर्शित कर सकें ।

दो दिवसीय नव प्रवर्तन केन्द्र में कार्य कलापों को आविष्कर्ता, शिल्पी, स्वयं करें, चुनौती कोना, विभागीय कार्यकलाप इत्यादि जैसे खंडों में विभाजित किया जाता है ।  असम के विभिन्न भागों एवं इससे लगे जनपदों के आविष्कर्ताओं को अपनी मशीन / अनोखी सृजन कृति के साथ आविष्कर्ता खंड में आमंत्रित किया जाता हैं ।  शिल्पी खंड में कला, शिल्प, संगीत, कुम्हारी, बेल मेटल, डोकरा, शोलापीठ, मूर्तिकला, टेराकोटा इत्यादि जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को उनकी संस्कृति से जुड़े सृजनात्मक प्रयासों को दर्शकों के सामने सीधा प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है ।  ‘स्वयं करें’ खंड में अनेक हस्त संचालित कार्यकलाप बाहरी विशेषज्ञों और राविसंप ईकाइयों द्वारा आयोजित किये जाते हैं ।  ‘स्वयं करें’ कोना में बनाएँ एवं लें कार्यकलाप विद्यार्थियों एवं परिवारों को आकर्षित करता है । यहाँ दर्शकों को उनके पास सहज उपलब्‍ध सामग्रियों से विज्ञान किट्स बनाने की अनुमति दी जाती है ।  विशेष किट्स बनाने के बाद उन्हें अपने साथ ले जाने की अनुमति दी जाती है ।  चुनौती कोना सर्वाधिक भीड़ वाला खंड होता है ।  यहाँ लोगों, परिवारों एवं उत्सव में आये अन्य लोगों को मजेदार विज्ञान आधारित चुनौतियाँ करने को दी जाती हैं ।  चुनौती कोना के सर्वोत्तम प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाता है ।  यह कार्यकलाप दिन भर आयोजित किये जाते हैं ।  इसके अतिरिक्त, अन्य अनेक प्रदर्शन / सहभागी कार्यकलाप जैसे विमान प्रतिरूपण, यंत्र मानव, हाइड्रोपॉनिक्स भी आयोजित किये जाते हैं ।
         
कॉपीराइट 2015, @ आंचलिक विज्ञान केन्द्र,  
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